शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धोखाधड़ी का मामला: चंडीगढ़ कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद तक की सजा सुनाई

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Case of rape and fraud under the pretext of marriage

चंडीगढ़ 7 जुलाई: Case of rape and fraud under the pretext of marriage, एक महिला को शादी का झांसा देकर धोखा देने और दुष्कर्म करने के चार वर्ष पुराने मामले में एक व्यक्ति को जिला अदालत ने दोषी करार दिया । दोषी ने खुद को अमेरिका का अविवाहित नागरिक और वहां सफल व्यवसायी बताकर महिला से शादी की थी, जबकि उसने अपने आपराधिक इतिहास और दो पूर्व शादियों की जानकारी छुपाई थी।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (ई) के तहत दुष्कर्म के मामले में शेष प्राकृतिक जीवन के लिए कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत पांच साल की सख्त कैद और धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत दो साल की सजा भी सुनाई गई ।

चार्जशीट के अनुसार, शिकायतकर्ता के माता-पिता ने मई 2022 में एक वैवाहिक वेबसाइट पर उसकी प्रोफाइल दर्ज करवाई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात दोषी 
जगजीत सिंह से हुई, जिसने खुद को बोस्टन में रहने वाला अविवाहित अमेरिकी नागरिक बताया और दावा किया कि उसका ट्रकिंग व्यवसाय है तथा अमेरिका में कई मकान हैं। उसने कथित तौर पर अपने दावे के समर्थन में अमेरिकी पासपोर्ट जैसा दस्तावेज भी दिखाया।

महिला के अनुसार, दोषी ने दो अन्य व्यक्तियों को अपने बिजनेस पार्टनर के रूप में पेश किया और यह भी कहा कि उसके माता-पिता का कई साल पहले निधन हो चुका है। उसने यह भी बताया कि उसके भाई-बहन विदेश में रहते हैं। चार्जशीट में आरोप था कि रोका और सगाई समारोह में कई लोग रिश्तेदार बनकर शामिल हुए और सभी ने दोषी को अमेरिका में बसे योग्य कुंवारे के रूप में प्रस्तुत किया।

प्रोसिक्यूशन के अनुसार, दोनों परिवार पहली बार 18 मई 2022 को चंडीगढ़ में मिले। इसके कुछ दिन बाद आरोपी ने सेक्टर-35 के एक होटल में डिनर पर बुलाया और जल्द शादी के लिए दबाव बनाया। इसके बाद जालंधर में रोका, उसी महीने सगाई और 3 जून 2022 को चंडीगढ़ में सिख रीति-रिवाज से विवाह हुआ। शिकायतकर्ता के परिवार ने शादी पर करीब 20 लाख रुपये खर्च करने और भारी मात्रा में सोना-चांदी व अन्य सामान देने का दावा किया है।

चार्जशीट के मुताबिक, शादी के तुरंत बाद दोषी का व्यवहार बदल गया। उसने महिला का मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर पासवर्ड हासिल किए, सिम कार्ड बदल दिए और फोन फॉर्मेट कर दिया। इसके बाद उसने अमेरिका में बसाने के नाम पर महिला के परिवार से पैसे मांगने शुरू कर दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने वीजा प्रक्रिया के लिए 75 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर उसे छोड़ने की धमकी देता रहा।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि दोषी इंटरनेट कॉल के जरिए खुद को विदेश में होने का भ्रम पैदा करता था। बाद में उसने कुछ बातचीत सुनी, जिससे पता चला कि आरोपी पैसे लेकर नेपाल भागने की योजना बना रहा था।

जांच के दौरान महिला को ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे पता चला कि आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है और एक मामले में उसे भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका था। जांच में यह भी सामने आया कि दोषी पहले ही एक महिला से शादी कर चुका था, जिससे उसकी एक बेटी भी है, और 2017 में उसने एक और शादी की थी।

चार्जशीट में यह भी आरोप है कि दोषी ने अपने माता-पिता को मृत बताया, जबकि वे जीवित थे, और अन्य लोगों को अपने सहयोगी बनाकर झूठी पहचान को मजबूत किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह पूरा षड्यंत्र कई लोगों की मिलीभगत से रचा गया था, जिन्होंने समारोहों में शामिल होकर दोषी की झूठी छवि बनाई।

जांच के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि दोषी ने झूठी पहचान, गलत वादों और महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर शादी की और बाद में महिला का यौन शोषण और आर्थिक शोषण किया।

ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता को शुरू से ही दोषी पिछले जीवन की जानकारी थी और यह एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज थी।

वहीं शिकायतकर्ता की ओर से वकील ने दलील दी कि सभी रस्में विधिवत हुईं और अदालत में यह साबित हुआ कि दोषी पहले से शादीशुदा था।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। हालांकि, अदालत ने इस मामले में दोषी के साथ जुड़े चार अन्य लोगों को बरी कर दिया, क्योंकि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ आरोप साबित करने में विफल रहा।